WB Maa Scheme 2021 – 5 rupee meal [Mamata Kitchen]

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पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने राज्य के लोगों के लिए Maa Scheme (Mamata Kitchen Scheme) शुरू की है, राज्य सरकार की इस 5 rupee meal scheme: Didir Rannaghar [দিদির রান্নাঘর] सामुदायिक रसोई योजना का उद्देश्य उन गरीब लोगों और प्रवासी श्रमिकों को ₹5 में भोजन उपलब्ध कराना है जिन्होंने कोरोनावायरस जैसी महामारी के चलते अपनी नौकरी गवा दी थी

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा WB Maa Scheme 2021 (रसोई योजना) राज्य के सभी गरीब लोगों के लिए भोजन बहुत ही सस्ते में प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य उन लाखों प्रवासी कामगारों का समर्थन करना है, जिन्हें COVID-19 महामारी के प्रकोप के कारण नौकरी की हानि के कारण बड़े पैमाने पर वित्तीय झटका लगा था। यह सभी प्रवासी मजदूर 5 रुपये में 5 rupee meal scheme: Didir Rannaghar (Mamata’s Kitchen) Scheme के तहत भोजन प्राप्त कर सकेंगे।

कोरोनावायरस महामारी के दौरान राज्य के लोगों को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा है ऐसे में प्रवासी मजदूरों की नौकरी उनसे छिन गई है ऐसे में सस्ता भोजन मिलना एक बड़ी समस्या है इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है और Mamata Kitchen Yojana 2020 शुरू की है इससे लोग अब बहुत ही कम पैसों में ‘5 rupee meal scheme’ भरपेट भोजन कर पाएंगे

Mamata Kitchen Scheme

Maa Scheme 2021 Rs. 5 Meal

WB बजट 2021 में सीएम ममता बनर्जी ने “माँ” नाम से सामुदायिक रसोई स्थापित करने की घोषणा की। माँ योजना का लक्ष्य राज्य के गरीब लोगों को 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराना है और इसके लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ये रसोई एक मामूली कीमत पर भोजन प्रदान करेगी, लेकिन यह निर्दिष्ट नहीं किया गया कि प्रत्येक भोजन के लिए लाभार्थी को कितनी राशि का भुगतान करना होगा।

Didir Rannaghar या मा योजना पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य के लोगों के लिए शुरू की गई सामुदायिक रसोई योजना है। सबसे पहले दुर्गा पूजा की अवधि के दौरान इस योजना को लागू करने की बात की गई थी अब सरकार ने इसे आधिकारिक तोर पर लागू कर दिया है, Maa Scheme 2021 के तहत इस भोजन की कीमत सिर्फ ₹5 होगी

और इसके अलावा इस (Didir Rannaghar) रसोई योजना को हर दिन सुबह 11:00 बजे दोपहर के 3:00 बजे के बीच चलाया जाएगा. योजना के तहत भोजन का मेनू दैनिक आधार पर बदला जाएगा और इसमें पूर्ण शाकाहारी भोजन मिलेगा जैसे कि दाल (pulses), shukto (vegetable stew), खिचड़ी (पके चावल और दाल), पापड़ इत्यादि

पश्चिम बंगाल ने कोरोनावायरस जैसी सामाजिक समस्या के बीच खुद को दुर्गा पूजा के उत्सव 2020 के लिए तैयार किया है, ऐसे में Didir Rannaghar Kitchen: ममता की Rasoi Yojana (5 rupee meal scheme) गरीब लोगों के लिए एक वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा Didir Rannaghar (Didi’s kitchen) रसोई पहल को विभिन्न पार्टी क्लबों के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है। यह पहल उन लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाएगी, जो एक दिन में एक थाली भोजन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की इस Maa Scheme (5 rupee meal scheme) को पहले ही पश्चिम बंगाल राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुरू कर दिया है। इसमें हावड़ा जिला, बेलगछिया (कोलकाता में) और उत्तर 24-परगना जिले में बैरकपुर शामिल हैं। राज्य सरकार त्योहारी सीजन की अवधि के लिए राज्य भर में इसी तरह की रसोई चलाने की योजना बना रही है।

Beneficiaries of Maa Rasoi Yojana

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में, पश्चिम बंगाल सरकार ने मुख्य रूप से वंचित वर्गों / असंगठित क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ खड़े होने का निर्णय लिया है। महामारी की स्थिति के कारण इन गरीबों को बहुत नुकसान हुआ है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि “দিদির রান্নাঘর” 5 rupee meal scheme आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और श्रमिकों को अत्यधिक लाभान्वित करेगा।

खासकर उन लोगों को यह योजना बहुत लाभ प्रदान करेगी जो ऐसी कोरोना मुसीबत के दौरान एक वक्त का खाना ढूंढने के लिए परेशान रहते हैं ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें आज के समय के इस महामारी काल के चलते 1 दिन का खाना भी नसीब नहीं हो पा रहा है उन लोगों के लिए यह योजना एक वरदान साबित होगी

New Clothes for Poor People under this scheme (গরিবদের জন্য নতুন পোশাক)

ममता रसोई योजना में पके हुए भोजन के अलावा, राज्य सरकार गरीब लोगों को कपड़े दान करने की योजना बना रही है, ताकि वे त्योहारों के मौसम में नए कपड़े पहन सकें। WB Didir Rannaghar टीएमसी के नेतृत्व वाले राज्य सरकार द्वारा उन लोगों का समर्थन करने के लिए एक प्रतिज्ञा है जो नौकरी छूटने के कारण अपने परिवार के सदस्यों को खिलाने के लिए जूझ रहे हैं।

Maa Yojana (Mamata Kitchen) Hygiene Measures

पश्चिम बंगाल सरकार की इन Mamata kitchens में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार। राज्य सरकार Didir Rannaghar Scheme को लोकप्रिय बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वच्छता संदेशों वाले कई पोस्टर लगाए जाएंगे। West Bangal सरकार ने राज्य भर में लगभग 700 श्रमजीवी कैंटीन (community kitchen) शुरू की है। पार्टी ने 50 स्वास्थ्य क्लीनिक और गरीबों के लिए सुरक्षित घर भी शुरू किए हैं, यह सेवाएं उन सब गरीब लोगों के लिए है जो महंगी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं को afford (वहन) नहीं कर सकते हैं।

MAA Scheme FAQ

MAA योजना क्या है?

ममता रसोई राज्य सरकार की एक सामुदायिक रसोई योजना है, उन गरीब और बेरोजगार लोगों के लिए जिन्होंने कोरोनावायरस महामारी के चलते अपनी नौकरी को दी थी

योजना के तहत मिलने वाले भोजन का Price क्या है?

योजना के तहत लोगों को ₹5 की दर पर भोजन हांउपलब्ध कराया जाता है

क्या Maa Scheme का क्या कोई अन्य नाम भी है

ममता रसोई योजना का अन्य नाम है Mamata Kitchen Scheme

Maa Scheme के तहत भोजन प्राप्त करने का समय क्या है?

कम्युनिटी रसोई योजना के तहत भोजन प्रदान करने का समय 11:00 बजे से 3:00 बजे तक है

ममता रसोई योजना के तहत लाभ उठाने के लिए क्या कोई रजिस्ट्रेशन कराना होगा?

इस योजना के लिए कोई भी रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है

योजना क्यों चलाई जा रही है?

सरकार की यह रसोई योजना कोरोना काल की बजह से चलाई जा रही है

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