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Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin 2026: नई लिस्ट में नाम, किस्त स्टेटस और ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका

अगर आप गांव में रहते हैं और आपका सपना अपने खुद के पक्के मकान का है, तो आपके लिए केंद्र सरकार की तरफ से बहुत बड़ी राहत की खबर है। Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin 2026 (PMAY-G) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सीधी आर्थिक मदद दी जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा योजना के दूसरे चरण (Phase-2) में वित्तीय वर्ष 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाने के लक्ष्य को मंजूरी दी गई है, जिस पर ₹3,06,137 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है। आज 3 नवंबर 2026 को आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के मुताबिक, लाखों नए लाभार्थियों के नाम ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापित होकर AwaasSoft पोर्टल पर जोड़े जा चुके हैं।

यदि आपने Awaas+ सर्वे में पंजीकरण करवाया था या आप जानना चाहते हैं कि आपकी पहली, दूसरी या तीसरी किस्त का पैसा बैंक खाते में कब आएगा, तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए ही है। हमारे बहुत से ग्रामीण भाई-बहन और स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियां ब्लॉक या बैंक के चक्कर काटती रहती हैं, जबकि घर बैठे या अपने नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जाकर 2 मिनट में pmayg nic in beneficiary status और नई लिस्ट चेक की जा सकती है। आइए इस योजना के हर पहलू को बिल्कुल सरल बोलचाल की भाषा में समझते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना (नवंबर 2026 अपडेट): PMAY-G के तहत मिलने वाली राशि पूरी तरह से Aadhaar-Based Payment System (ABPS) और Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थी महिला या परिवार के मुखिया के बैंक खाते में भेजी जाती है। किसी भी बिचौलिए, दलाल या अनधिकृत व्यक्ति को नकद पैसे न दें। यदि कोई आवास स्वीकृत कराने के नाम पर कमीशन मांगता है, तो तुरंत अपने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या ग्राम प्रधान से संपर्क करें।

Table of Contents

Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin 2026 क्या है?

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development – MoRD) द्वारा 1 अप्रैल 2016 को पूर्ववर्ती ‘इंदिरा आवास योजना’ का पुनर्गठन करके pradhanmantri aawas yojana gramin शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण इलाकों में जीवन यापन कर रहे ऐसे सभी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (रसोई, बिजली, पानी और शौचालय) से युक्त न्यूनतम 25 वर्ग मीटर (लगभग 269 वर्ग फीट) का पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जो बेघर हैं या शून्य, एक अथवा दो कमरों वाले कच्चे/जर्जर मकानों में रहते हैं।

इस योजना में महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान नियमों के तहत आवास का आवंटन अनिवार्य रूप से परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त (Joint) नाम पर किया जाता है। केवल उन्हीं विशेष मामलों में पुरुष के एकल नाम पर मकान स्वीकृत होता है जहां परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य मौजूद न हो।

PMAY-G 2026 के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता और किस्तें

ग्रामीण आवास योजना में मकान निर्माण के लिए पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के भौगोलिक अंतर को देखते हुए अलग-अलग सहायता राशि तय की गई है। इसके अलावा, अन्य सरकारी योजनाओं के तालमेल (Convergence) से अतिरिक्त मदद भी सीधे बैंक खाते में जुड़ती है:

1. क्षेत्रवार मकान निर्माण अनुदान

  • मैदानी क्षेत्र (Plain Areas): ₹1,20,000 प्रति आवास (जिसमें 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार का अंशदान होता है)।
  • पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश (Hilly/NE States, J&K, Ladakh, Uttarakhand, HP): ₹1,30,000 प्रति आवास (जिसमें 90% केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार का हिस्सा होता है)।

2. अतिरिक्त कन्वर्जेंस लाभ (Add-on Benefits)

  • शौचालय निर्माण (Swachh Bharat Mission-Gramin): स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए अलग से ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
  • मनरेगा मजदूरी (MGNREGA Wage Support): लाभार्थी को अपना खुद का मकान बनाने के लिए अकुशल श्रमिक के रूप में 90 से 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी (राज्यवार दर के अनुसार लगभग ₹20,000 से ₹25,000 तक) सीधे बैंक खाते में मिलती है।
  • सस्ता बैंक ऋण (Institutional Loan): यदि लाभार्थी मकान को और बड़ा बनाना चाहता है, तो उसे अपनी इच्छा से 3% ब्याज छूट (Subsidy) पर ₹70,000 तक का सस्ता बैंक लोन लेने की सुविधा भी मिलती है।

इस प्रकार, एक ग्रामीण परिवार को पक्का मकान तैयार करने के लिए कुल मिलाकर ₹1.52 लाख से लेकर ₹1.67 लाख तक की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सरकारी मदद मिल जाती है।

किस्तों का विवरण (Installment Payment Structure)

आवास की राशि एकमुश्त नहीं दी जाती, बल्कि निर्माण कार्य की प्रगति और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) के आधार पर 3 या 4 किस्तों में ट्रांसफर की जाती है:

किस्त (Installment) मैदानी क्षेत्र राशि जारी होने की शर्त (Stage Verification)
पहली किस्त ₹40,000 (लगभग) आवास स्वीकृति आदेश (Sanction Order) जारी होने और पुराने स्थल की जियो-टैगिंग के बाद।
दूसरी किस्त ₹40,000 से ₹50,000 नींव (Plinth Level) तक निर्माण पूरा होने और अधिकारी द्वारा फोटो अपलोड होने पर।
तीसरी/अंतिम किस्त ₹30,000 से ₹40,000 छत (Lintel/Roofcast) ढलने और प्लास्टर/रंगाई-पुताई के अंतिम निरीक्षण के बाद।

योजना की पात्रता और अपात्रता (Eligibility & Exclusion Criteria 2026)

सरकार ने सुनिश्चित किया है कि केवल वास्तविक गरीब परिवारों को ही लाभ मिले। लाभार्थियों का चयन Socio-Economic and Caste Census (SECC 2011) और सरकार द्वारा चलाए गए Awaas+ 2024/2026 सत्यापन सर्वे के आधार पर ग्राम सभा के अनुमोदन से तय होता है।

कौन पात्र हैं?

  • ऐसे ग्रामीण परिवार जिनके पास भारत में कहीं भी अपना कोई पक्का मकान नहीं है।
  • कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले एक या दो कमरों में रहने वाले बेसहारा परिवार।
  • दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, विधवाएं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक और सीमांत किसान।
  • भूमिहीन परिवार जो दैनिक मजदूरी या आजीविका के अस्थाई साधनों पर निर्भर हैं।

कौन अपात्र हैं? (Exclusion Rules)

यदि आपके परिवार में निम्नलिखित में से कोई भी शर्त लागू होती है, तो आवास सूची से नाम स्वतः बाहर कर दिया जाता है:

  • परिवार के पास मोटरयुक्त तिपहिया या चार पहिया वाहन (कार, ट्रैक्टर आदि) होना।
  • परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा (केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम) में कार्यरत होना।
  • परिवार का कोई सदस्य आयकर (Income Tax) या व्यावसायिक कर (Professional Tax) भरता हो।
  • परिवार की मासिक आय ₹15,000 या उससे अधिक हो।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की क्रेडिट लिमिट ₹50,000 या उससे अधिक होना।
  • 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 5 एकड़ से अधिक असिंचित कृषि भूमि का स्वामित्व होना।

PMAY Gramin List 2026 में अपना नाम कैसे चेक करें? (Step-by-Step)

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी ग्राम पंचायत में किन-किन लोगों का नाम pmay gramin list 2026 में शामिल हुआ है, तो नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:

  1. सबसे पहले आधिकारिक ग्रामीण आवास पोर्टल pmayg.nic.in पर जाएं।
  2. होमपेज के मुख्य मेन्यू में Awaassoft टैब पर कर्सर ले जाएं और ड्रॉपडाउन मेन्यू से Report के विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अब आपके सामने रिपोर्ट का एक नया पेज खुलेगा। पेज को नीचे स्क्रॉल करें और सेक्शन H. Social Audit Reports पर जाएं।
  4. वहां दिए गए लिंक Beneficiary details for verification पर क्लिक करें।
  5. अब सिलेक्शन फिल्टर में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और अपनी ग्राम पंचायत का चयन करें।
  6. वित्तीय वर्ष में 2025-2026 या 2026-2027 चुनें और योजना में Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin सिलेक्ट करें।
  7. स्क्रीन पर दिया गया गणितीय कैप्चा कोड (Captcha) हल करें और Submit बटन दबाएं।
  8. आपकी पूरी ग्राम पंचायत की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। आप इसे Excel या PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करके अपना नाम, पिता/पति का नाम, मकान की स्वीकृति स्थिति और स्वीकृत राशि देख सकते हैं।

pmayg nic in beneficiary status और पेमेंट स्टेटस कैसे ट्रैक करें?

अगर आपका नाम लिस्ट में है और आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (PMAY-G ID) मिल चुका है, तो आप अपनी किस्त का भुगतान और FTO (Fund Transfer Order) स्टेटस बड़ी आसानी से ऑनलाइन देख सकते हैं:

रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस चेक करने का तरीका

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in के होमपेज पर जाएं।
  2. ऊपर मेन्यू में Stakeholders विकल्प पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन में IAY/PMAYG Beneficiary चुनें।
  3. दिए गए बॉक्स में अपना Registration Number दर्ज करें और Submit पर क्लिक करें।
  4. स्क्रीन पर आपकी पूरी फाइल खुल जाएगी, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता सत्यापन स्थिति, घर की जियो-टैग्ड तस्वीरें, जारी की गई किस्तों की तारीख, FTO नंबर और यूटीआर (UTR) नंबर दिखाई देगा।

यदि आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है: तो उसी पेज पर नीचे दिए गए Advanced Search बटन पर क्लिक करें। वहां अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत, नाम या BPL नंबर दर्ज करके सर्च करें। आपका रजिस्ट्रेशन नंबर तुरंत स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके अतिरिक्त, आप केंद्र सरकार के UMANG App पर जाकर PMAY-G सेवा के जरिए अपने आधार नंबर से भी स्टेटस जांच सकते हैं।

pm awas yojana gramin application process: आवेदन कैसे करें?

ग्रामीण आवास योजना की आवेदन प्रक्रिया शहरी योजना (PMAY-Urban) से थोड़ी अलग है। ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी नागरिक सीधे किसी ओपन पोर्टल पर जाकर व्यक्तिगत रूप से खुद फॉर्म नहीं भर सकता। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने त्रि-स्तरीय सत्यापन प्रणाली रखी है:

1. ऑफलाइन व ग्राम पंचायत रूट (सबसे प्राथमिक तरीका)

यदि आपका नाम पूर्व सूची में छूट गया है, तो अपने ग्राम प्रधान (सरपंच), ग्राम विकास अधिकारी (VDO/सचिव) या ब्लॉक आवास सहायक से संपर्क करें। सरकार समय-समय पर छूटे हुए पात्र परिवारों के लिए Awaas+ मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर सर्वे करती है। ग्राम रोजगार सेवक या सचिव आपके कच्चे मकान की जियो-टैग फोटो खींचकर ऐप में आपका विवरण अपलोड करते हैं। इसके बाद ग्राम सभा की खुली बैठक में पात्र लाभार्थियों की सूची का सोशल ऑडिट होता है और अनुमोदन दिया जाता है।

2. CSC (Common Service Centre) रूट

अपने गांव के नजदीकी CSC डिजिटल सेवा केंद्र पर जाकर आप अपनी पात्रता की जांच करवा सकते हैं, अपने आधार सीडिंग की स्थिति चेक करवा सकते हैं और Awaas+ सर्वे डेटाबेस में अपनी फैमिली आईडी या SECC टिन नंबर की स्थिति देख सकते हैं। CSC VLE आपके जरूरी दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक खाते में DBT एक्टिव कराने में पूरी तकनीकी मदद करते हैं।

आवेदन और सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Checklist)

  • Aadhaar Card: आवेदक और परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार कार्ड।
  • Bank Passbook: आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) बैंक खाता पासबुक की प्रति।
  • Job Card: महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) जॉब कार्ड नंबर (90-95 दिन की मजदूरी प्राप्त करने हेतु अनिवार्य)।
  • राशन कार्ड (Ration Card): परिवार के सदस्यों के सत्यापन के लिए।
  • जमीन/भूमि के कागजात: उस जमीन का मालिकाना हक या ग्राम सभा द्वारा प्रदत्त पट्टा जहां मकान का निर्माण होना है।
  • घोषणा पत्र (Self-Declaration): इस बात का हलफनामा कि परिवार के पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है और वे किसी अपात्रता श्रेणी में नहीं आते।
  • सक्रिय मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन और FTO एसएमएस अलर्ट के लिए।

किस्त का पैसा अटकने के मुख्य कारण और उनका समाधान

कई बार स्वीकृति मिलने के बाद भी लाभार्थियों के खाते में पैसा नहीं आता। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इन 3 तकनीकी कारणों की जांच तुरंत करवाएं:

  1. NPCI/Aadhaar Seeding न होना: आपका बैंक खाता केवल आधार से जुड़ा होना काफी नहीं है, वह NPCI मैपर पर DBT सक्षम होना चाहिए। अपने बैंक जाकर तुरंत DBT इनेबल फॉर्म भरें।
  2. जियो-टैगिंग पेंडिंग होना: जब तक पंचायत सचिव या आवास सहायक द्वारा निर्माण स्थल की फोटो AwaasApp के जरिए अपलोड नहीं की जाती, अगली किस्त का FTO जनरेट नहीं होता।
  3. नाम में विसंगति: आधार कार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम की स्पेलिंग में अंतर होने पर PFMS (Public Financial Management System) द्वारा ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

1. Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin 2026 के तहत कुल कितनी सहायता राशि मिलती है?

PMAY-G के तहत मैदानी क्षेत्रों में मकान निर्माण के लिए ₹1.20 लाख और पहाड़ी/दुर्गम राज्यों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत 90-95 दिनों की मजदूरी (लगभग ₹20,000-₹25,000) अतिरिक्त दी जाती है।

2. क्या मैं सीधे pmayg.nic.in वेबसाइट से नया आवेदन खुद कर सकता हूं?

नहीं, PMAY-G के तहत कोई भी नागरिक स्वयं सीधे ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकता। नया नाम जुड़वाने के लिए ग्राम पंचायत के सचिव, ग्राम प्रधान या ब्लॉक आवास सहायक के माध्यम से आधिकारिक Awaas+ सर्वे में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है, जिसके बाद ग्राम सभा इसका अनुमोदन करती है।

3. PMAY Gramin List 2026 में नाम कैसे देखा जा सकता है?

आप pmayg.nic.in पोर्टल पर जाकर ‘Awaassoft’ टैब के अंदर ‘Report’ पर क्लिक करें। इसके बाद सेक्शन H (Social Audit Reports) में जाकर ‘Beneficiary details for verification’ चुनें। अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर कैप्चा दर्ज करने पर पूरी लिस्ट खुल जाएगी।

4. pmayg nic in beneficiary status चेक करने के लिए किस नंबर की जरूरत होती है?

स्टेटस जांचने के लिए आपके पास PMAY-G Registration Number होना चाहिए। इसे पोर्टल के ‘Stakeholders’ सेक्शन में ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ में दर्ज करके सबमिट करना होता है। यदि नंबर नहीं है, तो आप ‘Advanced Search’ का उपयोग करके अपने नाम से भी खोज सकते हैं।

5. क्या पक्के मकान का निर्माण पूरा होने से पहले अगली किस्त मिल सकती है?

नहीं, प्रत्येक किस्त निर्माण की तय सीमा (जैसे नींव स्तर, छत स्तर) पूरी होने और आवास सहायक द्वारा AwaasApp के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो अपलोड किए जाने के बाद ही जारी की जाती है।

6. अगर पहली किस्त मिलने के बाद भी दूसरी किस्त का पैसा खाते में न आए तो क्या करें?

अगर पहली किस्त का काम (प्लिंथ लेवल) पूरा हो गया है, तो अपने ग्राम पंचायत सचिव से मिलकर निर्माण की जियो-टैगिंग करवाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से एनपीसीआई मैपर पर डीबीटी सक्रिय (Active) हो।

7. क्या परिवार के पुरुष मुखिया के नाम पर PMAY-G का मकान स्वीकृत हो सकता है?

सामान्य नियमों के अनुसार मकान का आवंटन परिवार की वयस्क महिला के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर ही होता है। पुरुष के एकल नाम पर मकान केवल तभी आवंटित होता है जब परिवार में कोई जीवित वयस्क महिला सदस्य न हो।

निष्कर्ष और अगला कदम

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण देश के निर्धनतम परिवारों को सम्मानजनक जीवन और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित छत देने की सबसे सफल योजना साबित हुई है। यदि आपने अभी तक सूची में अपना नाम नहीं देखा है, या आपकी किस्त किसी तकनीकी कारण से अटकी हुई है, तो किसी दफ्तर के चक्कर काटकर समय बर्बाद करने के बजाय अपने गांव की चौपाल या पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर अपने आधार कार्ड व बैंक पासबुक के साथ जाएं। वहां मौजूद वीएलई भाई आपको तुरंत पोर्टल पर FTO का हाल देखकर सही रास्ता बता देंगे ताकि आपके पक्के मकान का सपना बिना किसी अड़चन के पूरा हो सके।


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