[फॉर्म] प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2021 PMKSY Apply Online

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana: प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना आवेदन 2021 | PM krishi sinchayee yojana Registration online | PMKSY Status | pradhan mantri krishi sinchai yojana apply online

केंद्र सरकार की pmksy योजना देश के किसानों के लिए लागू की गई है pm krishi sinchai yojana In आवेदन ऑनलाइन pradhan mantri krishi sinchayee yojana 2021 की पूरी जानकारी pradhan mantri krishi yojana आवेदन केसे कर सकते है | pmksy online apply केसे कर सकते है यहाँ देखें pmksy yojana 21 registration latest news देखें pmksy Status अपडेट, pmksy application form भरना सीखें, yojana components details in hindi

भारत सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (PMKSY) का व्यापक दृष्टिकोण देश में सभी कृषि खेतों तक सुरक्षात्मक सिंचाई के कुछ साधनों तक पहुँच सुनिश्चित करना है, ताकि प्रति बूंद अधिक फसल का उत्पादन किया जा सके, जिससे ग्रामीण वांछित समृद्धि बढ़ेगी। हाल ही में, PM मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana (PMKSY- PDMC) के ‘Per Drop, More Crop’ के तहत राज्यों को 4000 करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन किया गया है।

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana 2021
PMKSY

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana 2021 (PMKSY)

हर खेत को पानी “प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना” भारत सरकार जल संरक्षण और इसके प्रबंधन के लिए उच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रभाव के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (PMKSY) को सिंचाई ‘Har Khet ko Pani’ के कवरेज को बढ़ाने और जल उपयोग दक्षता में सुधार लाने की दृष्टि से तैयार किया गया है, जिसमें ‘‘प्रति बूंद अधिक फसल” केंद्रित समाधान है। स्रोत निर्माण, वितरण, प्रबंधन, क्षेत्र अनुप्रयोग और विस्तार गतिविधियाँ। माननीय प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 1 जुलाई, 2015 को आयोजित अपनी बैठक में Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana (PMKSY) को मंजूरी दी गई थी।

16 वीं लोकसभा के संसद के संयुक्त सत्र में अपने संबोधन में माननीय राष्ट्रपति ने कहा था कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है। सरकार जल सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूरा करेगा और हर खेत को पानी के आदर्श के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (PMKSY) का शुभारंभ करेगा। नदियों को जोड़ने सहित सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, जहां बाढ़ और सूखे की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए हमारे जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए संभव है। जलसंकट और जलसंकट के माध्यम से वर्षा जल का दोहन करके, हम जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण का पोषण करेंगे। ‘प्रति बूंद-अधिक फसल’ सुनिश्चित करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई को लोकप्रिय बनाया जाएगा।

PMKSY Preface 2021-22

देश में लगभग 4 मिलियन हैक्टेयर कुल बुवाई क्षेत्र में से वर्तमान में लगभग 65 मिलियन हैक्टेयर (45 प्रतिशत) सिंचाई के तहत कवर है। वर्षा पर अत्यधिक निर्भरता गैर- सिंचित क्षेत्रों में खेती को जोखिम भरा और कम उत्पादक व्यवसाय बनाती है। अनुभवजन्य साक्ष्य बताते हैं कि सुनिश्चित अथवा संरक्षित सिंचाई से किसान, खेती संबंधी प्रौद्योगिकी और ऐसे आदान जिससे उत्पादकता में वृद्धि होती है और खेती से होने वाली आय बढ़ती है, ओर खेती में निवेश बढ़ाने को प्रोत्साहित होते हैं।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का बूहद्‌ इष्टिकोण देश में सभी कृषि फार्म में संरक्षित सिंचाई की पहुंच को सुनिश्चित करेगा ताकि प्रति बूंद अधिक फसल उत्पादन लिया जा सकेगा और इस प्रकार वांछित ग्रामीण समृद्धता त्राई जा सकेगी।

PMKSY

PMKSY Scheme Highlights

योजना का नाम प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना 2021
Short FormPMKSY
कसिने शुरू की प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने
Launch Date1 जुलाई 2015
द्वारा प्रायोजित केन्द्रीय सरकार
लाभार्थी किसान
आधिकारिक वेबसाईट pmksy.gov.in
Apply OnlineLogin | Click Here
पंजीकरण साल 2021
योजना स्टेटस चालू है
Scheme Guidelines DocumentDownload PDF
Department Ministry of Agriculture & Farmers’ Welfare

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2021 के उद्देश्य

PMKSY के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • फील्ड स्तर पर सिंचाई में निवेश का अभिसरण प्रदान करना (जिला स्तर पर तैयारी,
    यदि आवश्यक हो तो उप-जिला स्तर जल उपयोग योजनाएं)
  • खेत में जल की पहुँच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई (हर खेत को पानी) के तहत कृषि भूमि को बढ़ाना
  • उचित प्रौद्योगिकियों और पद्धतियों के माध्यम से जल के बेहतर उपयोग के लिए जल संसाधन का समेकन, वितरण और इसका दक्ष उपयोग
  • अवधि और सीमा में अपशिष्ट घटाने और उपलब्धता वृद्धि के लिए ऑन फार्म जल उपयोग क्षमता का सुधार
  • परिशुद्ध सिंचाई और अन्य जल बचत प्रौद्योगिकियों (अधिक फसल प्रति बूंद) के अपनाने में वृद्धि करना
  • जल भराव में वृद्धि और सतत जल संरक्षण पद्धतियों की शुरूआत करना
  • मृदा और जल्र संरक्षण, भूजल के पुनर्भराव, प्रवाह बढ़ाना, आजीविका विकल्प प्रदान करना और अन्य एनआरएम गतिविधियों की ओर पनधारा इष्टिकोण का उपयोग करते हुए वर्षा सिंचित क्षेत्रों के समेकित विकास को सुनिश्चित करना
  • जल संचयन, जल्र प्रबंधन और किसानों के लिए फसल संयोजन तथा जमीनी स्तर के क्षेत्र कर्मियों से संबंधित विस्तार गतिविधियों को प्रोत्साहित करना ।
  • पेरी शहरी कृषि के लिए उपचारित नगरपालिका अपशिष्ट जल के पुनर उपयोग की व्यवहार्यता खोजना
  • सिंचाई में महत्वपूर्ण निजी निवेश को आकर्षित करना यह अवधि में कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ायेगा और फार्म आय में वृद्धि करेगा ।

PMKSY Scheme Strategy & Focus Areas

उपर्युक्त उददेश्यों को प्राप्त करने के लिए Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY) को सिंचाई आपूर्ति श्रृंखला जैसे जल स्रोत, वितरण नेटवर्क, प्रभावी फार्म स्तर अनुप्रयोग, नई प्रौद्योगिकियों और सूचना पर विस्तार सेवा आदि में मूलभूत समाधान पर फोकस करते हुए रणनीति पर बनाई जाएगी। वृहत रूप में PMKSY निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस करेगा:-

  • नये जल स्रोतों का निर्माण, जीर्ण जत्र स्रोतों का पुर्नस्थापन और पुनरोद्धार, जल संचयन अवसंरचनाओं का निर्माण, दवितीयक और छोटे भंडारण, भूजल विकास, ग्रामीण स्तर पर परम्परागत जल तालाबों जैसे जल मन्दिर (गुजरात); खतरी, कुहल (हिमाचल प्रदेश); जेबो (नागालैंड); इड़ी, ओरेनिस (तमिलनाडु); डोंग (असम); कतास, बंधा (ओडिशा और मध्य प्रदेश) आदि की क्षमता बढ़ाना ।
  • वितरण नेटवर्क का विकास / संवर्द्धन जहां सिंचाई के स्रोत (सुनिश्चित और सुरक्षात्मक दोनों) उपलब्ध हैं या बनाए गए हैं
  • वैज्ञानिक नमी संरक्षण को बढ़ावा देना और भूजल पुनर्भरण को बेहतर बनाने के लिए नियंत्रण उपायों को चलाना ताकि किसान को उथले नलकूपों / खोदे गए कुओं के माध्यम से रिचार्ज किए गए पानी के उपयोग के अवसर पैदा करना।
  • खेत के भीतर कुशल जल संचयन और क्षेत्र अनुप्रयोग उपकरणों को बढ़ावा देना underground piping system, Drip & Sprinklers, pivots, rain-guns and Orher एप्लिकेशन डिवाइस आदि।
  • पंजीकृत उपयोगकर्ता समूहों / किसान उत्पादक संगठनों / गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से सामुदायिक सिंचाई को प्रोत्साहित करना
  • बड़े पैमाने पर मीडिया अभियान, प्रदर्शनियों, क्षेत्र दिवस के माध्यम से पानी की प्रति बूंद अधिक फसल पर बड़े पैमाने पर जागरूकता सहित क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट, प्रदर्शन, फार्म स्कूल, कुशल जल और फसल प्रबंधन प्रथाओं (फसल संरेखण) में कौशल विकास जैसी किसान उन्मुख गतिविधियां , और लघु एनीमेशन फिल्मों आदि के माध्यम से विस्तार गतिविधियों।

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana Components

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (PMKSY) में निम्नलिखित कार्यक्रम घटक होंगे:

1. Accelerated Irrigation Benefit Programme(AIBP)

राष्ट्रीय परियोजनाओं सहित जारी मुख्य और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण करने पर फोकस करना।

2. PMKSY (Har Khet ko Pani)

  • लघु सिंचाई (सतही और भूमिगत जल दोनों) के माध्यम से नये जत्र स्रोतों का निर्माण
  • जल सग्रहणों की मरम्मत, सुधार और नवीकरण, पराम्परागत स्रोतों की वहन क्षमता का मजबूतीकरण, जलन संचयन संरचनाओं का निर्माण (जल संचय)
  • कमांड एरिया विकास, खेत से स्रोत तक वितरण नेटवर्क का सुदढीकरण और मजबूतीकरण
  • क्षेत्रों में जहां यह प्रचुर मात्रा में हो, भूजल विकास करना ताकि उच्चतम वर्षा मौसम के दौरान आवाह/बाढ़ जल का भंडारण करने के लिए तालाब का निर्माण हो सके।
  • उपलब्ध संसाधनों जिनकी क्षमता का पूर्ण दोहन नहीं हुआ है, से ल्राभ उठाने के लिए जल्र तालाबों के लिए जल प्रबंधन और वितरण प्रणाली में सुधार। कम से कम 0 प्रतिशत कमांड एरिया सूक्ष्म/परिशुद्ध सिंचाई के तहत कवर किया जाना।
  • विभिन्‍न स्थानों के स्रोतों से जहां कम पानी के अधिक क्षेत्र आस-पास हो में जल विचलन, सिंचाई कमांड के निरपेक्ष में आईडब्ल्यूएमपी और मनरेगा के अलावा आवश्यकता को पूरा करने के लिए नीचाई पर स्थित जल निकायों नदी से लिफ्ट सिंचाई।
  • पराम्परागत जल भंडारण प्रणालियों जैसे जल मन्दिर (गुजरात); खतरी, कुहल (हिमाचल प्रदेश); जेबो (नागालैंड); इड़ी, ओरेनिस (तमित्रनाडु)।; डॉंग (असम); कतास, बंधा (ओडिशा और मध्य प्रदेश) आदि का व्यवहार्य स्थानों पर निर्माण और पुनरूद्धार।

3. PMKSY (Per Drop More Crop)

  • कार्यक्रम प्रबंधन, राज्य / जिला सिंचाई योजना की तैयारी, वार्षिक कार्य योजना की 4 स्वीकृति, निगरानी आदि।
  • खेत में ड्रिप, स्प्रिंकलर, पिवोट्स, रेन-गन जैसे कुशल जल प्रवाह और सटीक जल अनुप्रयोग उपकरणों को बढ़ावा देना (जल सिनचन)
  • विशेष रूप से अनुज्ञेय सीमा (40%) से परे सिविल निर्माण के तहत इनपुट लागत का टॉपिंग, अस्तर, इनलेट, आउटलेट, गाद जाल, वितरण प्रणाली आदि गतिविधियों के लिए MGNREGS के तहत।
  • नलकूपों और खोदे गए कुओं (उन क्षेत्रों में जहां भूजल उपलब्ध है और अर्ध महत्वपूर्ण / महत्वपूर्ण / शोषित श्रेणी से अधिक नहीं है) के लिए स्रोत सिंचाई गतिविधियों के पूरक के लिए सूक्ष्म सिंचाई संरचनाओं का निर्माण जो एआईबीपी, पीएमकेएसवाई (हर खेत को) के तहत समर्थित नहीं हैं। Pani), PMKSY (वाटरशेड) और MGNREGS ब्लॉक / जिला सिंचाई योजना के अनुसार।
  • बहुतायत (बरसात के मौसम) या बारहमासी स्रोतों से उपलब्ध जल को संग्रहित करने के लिए नहर प्रणाली के टेल एंड पर द्वितीयक भंडारण संरचनाएँ, जैसे कि खेत में जल प्रबंधन के माध्यम से शुष्क अवधि के दौरान उपयोग हेतु धारा
  • पानी उठाने वाले उपकरण जैसे डीजल / इलेक्ट्रिक / सोलर पंपसेट जिसमें वाटर कैरिज पाइप, भूमिगत पाइपिंग सिस्टम शामिल हैं।
  • वर्षा सहित उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग करने और सिंचाई की आवश्यकता को कम करने के लिए वैज्ञानिक नमी संरक्षण और कृषि संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के लिए विस्तार गतिविधियाँ (जल सरंक्षण)
  • क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान जिसमें कम लागत के प्रकाशन, पिको प्रोजेक्टर का उपयोग और सामुदायिक सिंचाई सहित तकनीकी, कृषि और प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से संभावित उपयोग के जल स्रोत को प्रोत्साहित करने के लिए कम लागत वाली फिल्में शामिल हैं।
  • विस्तार कार्यकर्ताओं को पीएमकेएसवाई के तहत प्रासंगिक प्रौद्योगिकियों को प्रसारित करने के लिए सशक्त बनाया जाएगा, जब अपेक्षित प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद ही उन्हें विशेष रूप से वैज्ञानिक नमी संरक्षण और कृषि संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में सुधार / अभिनव वितरण प्रणाली जैसे पाइप और बॉक्स आउटलेट सिस्टम, आदि। उपयुक्त डोमेन विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे।
  • सूचना संचार प्रौद्योगिकी (ICT) हस्तक्षेप, NeGP-A के माध्यम से जल उपयोग दक्षता, सटीक सिंचाई प्रौद्योगिकियों, कृषि जल प्रबंधन, फसल संरेखण इत्यादि के क्षेत्र में उपयोग किए जाने और योजना की गहन निगरानी करने के लिए।

4. PMKSY (Watershed Development)

  • पनधारा आधारित आवाह जल्र का प्रभावी प्रबंधन एवं उन्‍नत मृदा और आर्द्रता संरक्षण गतिविधियों जैसे रिज क्षेत्र उपचार, निकासी लाईन उपचार, वर्षा जल संचयन, आर्द्रता संरक्षण एवं अन्य संबंदध गतिविधियाँ ।
  • परम्परागत जल तालाबों के नवीकरण सहित चिन्हित पिछड़े वर्षा सिंचित ब्लॉकों में पूरी क्षमता हेतु जल स्रोतों के निर्माण के लिए मनरेगा के साथ अभिसरण । इन घटकों के तहत कार्य की जाने वाली गतिविधियां अनुबंध-ख पर है।

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana 2021 Apply Online

ऑनलाइन पीएम कृषि सिंचाई योजना आवेदन पत्र पूर्ण करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1- सबसे पहले प्रधान मंत्री कृषि सिचाई योजना 2021 की आधिकारिक वेबसाइट https://pmksy.gov.in/ पर जाएँ।

स्टेप 2- होमपेज पर, वेबसाइट के होमपेज पर लॉगइन करें। आप अपने नाम और ईमेल आईडी के जरिए लॉगइन कर सकते हैं।

स्टेप 3- इसके बाद, आप वेबसाइट में अबाउट सेक्शन में जाकर कृषि सिंचाई योजना से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ओर आवेदन कर सकते हैं

PMKSY FAQ

️प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है?

केंद्र सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक फ्लैग्शिप योजना है। इस योजना के तहत देश के हर एक किसान को लाभ पहुंचाया जाएगा ताकि किसानों की आय बड़ायी जा सके

️पीएम कृषि सिंचाई योजना का लाभ किसे मिलेगा?

इस PMKSY योजना का लाभ देश के प्रत्येक किसान को प्रदान किया जाएगा ताकि किसानों को अपनी खेती की सिचाई करने मैं आसानी हो

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को कब शुरू किया गया था?

देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा इस Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana को 1 जुलाई 2015 मैं शुरू किया गया था

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना ऑनलाइन फॉर्म केसे भर सकते हैं?

योजना के तहत आवेदन फॉर्म भरने के लिए लाभार्थी को आधिकारिक वेबसाईट पर जाकर आवेदन करना होगा आवेदन की पूरी प्रोसेस ऊपर लेख मैं दी गई है

Spread the love अभी शेयर करें

Leave a Comment