हमारे देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों (Artisans and Craftspeople) को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई बेहतरीन योजनाएं चलाई जा रही हैं। जब हम छोटे उद्योगों और पारंपरिक कामगारों की बात करते हैं, तो हमारे सामने दो सबसे लोकप्रिय योजनाएं आती हैं – केंद्र सरकार की PM Vishwakarma Yojana और उत्तर प्रदेश सरकार की Vishwakarma Shram Samman Yojana (VSSY)। ग्रामीण नागरिक अक्सर इन दोनों को मिलाकर “PM Vishwakarma Shram Samman Yojana” के नाम से खोजते हैं। आज इस विस्तृत गाइड में, हम इन दोनों ही योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी देंगे ताकि हमारे CSC VLE भाई और ग्रामीण नागरिक बिना किसी भ्रम के सही योजना के लिए आवेदन कर सकें।
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PM Vishwakarma और UP Vishwakarma Shram Samman Yojana में क्या अंतर है?
चूंकि ग्रामीण नागरिक अक्सर इन दोनों योजनाओं के नामों में भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन सी योजना उपयुक्त है। हमने दोनों के मुख्य अंतरों को नीचे स्पष्ट किया है ताकि आप अपने राज्य और पात्रता के अनुसार सही जगह ऑनलाइन आवेदन (Online Apply) कर सकें:
| विशेषता (Features) | PM Vishwakarma Yojana (केंद्रीय योजना) | UP Vishwakarma Shram Samman Yojana (राज्य योजना) |
|---|---|---|
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में। | केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के लिए. |
| शामिल व्यवसाय (Trades) | कुल 18 पारंपरिक क्षेत्र (बढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री आदि). | कुल 10 पारंपरिक क्षेत्र (हलवाई, दर्जी, मोची, टोकरी बुनकर आदि). |
| लोन की राशि | ₹3 लाख तक का लोन (दो किस्तों में: ₹1 लाख और ₹2 लाख), ब्याज दर केवल 5%. | ₹10,000 से ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता (छोटे उद्योग शुरू करने के लिए). |
| टूलकिट सहायता | ₹15,000 मूल्य का डिजिटल ई-वाउचर आधुनिक टूलकिट के लिए. | 6 दिन की ट्रेनिंग के बाद बिल्कुल मुफ्त एडवांस टूलकिट वितरण. |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmvishwakarma.gov.in | diupmsme.upsdc.gov.in |
योजना की पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सरकार द्वारा कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं। यदि आप या आपके पास आने वाले ग्राहक इन शर्तों को पूरा करते हैं, तभी वे योजना का ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
1. PM Vishwakarma Yojana के लिए पात्रता:
- पारंपरिक कारीगर: आवेदक को हाथों और औजारों से काम करने वाला एक पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए. वे असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) में स्वरोजगार के आधार पर काम करते हों.
- आयु सीमा: पंजीकरण की तिथि पर आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए.
- लोन का इतिहास: आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में स्वरोजगार या व्यवसाय विकास के लिए केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान क्रेडिट-आधारित योजना (जैसे PMEGP, PM SVANidhi, MUDRA) के तहत लोन न लिया हो. (नोट: यदि मुद्रा या स्वनिधि का लोन पूरी तरह चुका दिया गया है, तो वे पात्र हैं).
- परिवार में सीमा: योजना के तहत पंजीकरण और लाभ केवल परिवार के एक सदस्य तक ही सीमित रहेगा. ‘परिवार’ का अर्थ है पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे.
- सरकारी नौकरी: सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं.
2. UP Vishwakarma Shram Samman Yojana (VSSY) के लिए पात्रता:
- निवास स्थान: आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी (Domicile of UP) होना चाहिए.
- आयु सीमा: आवेदन के समय न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए.
- शैक्षणिक योग्यता: इस योजना के लिए किसी भी औपचारिक शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) की आवश्यकता नहीं है.
- पारंपरिक कारीगर: आवेदक पारंपरिक रूप से बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची या राजमिस्त्री के काम से जुड़ा होना चाहिए.
- पूर्व लाभ: आवेदक को पिछले दो वर्षों में राज्य या केंद्र सरकार से कोई टूलकिट प्राप्त नहीं हुई होनी चाहिए.
PM Vishwakarma Scheme के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ (Key Benefits)
यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक कारीगर को समाज में पहचान, कौशल और बाजार (Market Linkage) प्रदान करने का काम करती है। योजना के मुख्य लाभों को हमने नीचे समझाया है:
पंजीकरण पूरा होने और सत्यापन के बाद, प्रत्येक लाभार्थी को एक आधिकारिक PM Vishwakarma Certificate और एक डिजिटल पहचान पत्र (Digital ID Card) दिया जाता है, जो उन्हें प्रमाणित कारीगर के रूप में पहचान दिलाता है.
चयनित कारीगरों को 5 से 7 दिनों (40 घंटे) की बुनियादी ट्रेनिंग (Basic Training) प्रदान की जाती है. इच्छुक लोग 15 दिनों (120 घंटे) की एडवांस ट्रेनिंग (Advanced Training) भी ले सकते हैं. ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन ₹500 का वजीफा (Stipend) सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है.
बेसिक ट्रेनिंग पूरी होने पर, कारीगरों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर (E-Voucher) या डिजिटल ग्रांट दी जाती है. इससे वे अपने काम की गुणवत्ता और गति को बेहतर बना सकते हैं.
अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए कारीगरों को दो किश्तों में कुल ₹3 लाख तक का लोन मिलता है. पहली किश्त (First Tranche) ₹1 लाख की होती है (18 महीने की अवधि), और दूसरी किश्त (Second Tranche) ₹2 लाख की होती है (30 महीने की अवधि). इस पर ब्याज दर केवल 5% सालाना निर्धारित की गई है.
डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रति डिजिटल ट्रांजैक्शन ₹1 का इनाम (अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन प्रति माह) मिलता है. इसके अलावा, नेशनल कमिटी फॉर मार्केटिंग (NCM) द्वारा ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर उत्पादों को बेचने में मदद की जाती है.
आवश्यक दस्तावेजों की सूची (Required Documents Checklist)
पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू करने से पहले, यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास निम्नलिखित सभी दस्तावेज तैयार हैं, ताकि फॉर्म भरते समय कोई समस्या न हो:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए आधार कार्ड और उसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है.
- सक्रिय मोबाइल नंबर (Active Mobile Number): जो आपके आधार से लिंक हो, क्योंकि इस पर OTP भेजा जाएगा.
- बैंक खाता विवरण (Bank Account Details): बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक की कॉपी (ताकि ट्रेनिंग स्टाइपेंड और टूलकिट ई-वाउचर की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से आपके खाते में भेजी जा सके). यदि खाता नहीं है, तो CSC पर जनधन खाता खुलवाया जा सकता है.
- राशन कार्ड (Ration Card): परिवार के सत्यापन के लिए. यदि राशन कार्ड नहीं है, तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर प्रदान करने होंगे.
- व्यवसाय प्रमाण पत्र या शपथ पत्र (यदि लागू हो): कुछ मामलों में ग्राम प्रधान या स्थानीय निकाय के सदस्य द्वारा प्रमाणित पत्र की आवश्यकता होती है.
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): यदि आप आरक्षित श्रेणी (OBC/SC/ST) के तहत आते हैं (विशेषकर यूपी की योजना के लिए).
- पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size Photograph): उत्तर प्रदेश की योजना के लिए फोटो अपलोड करना अनिवार्य है.
पीएम विश्वकर्मा योजना पंजीकरण प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण पूरी तरह से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित है। इसलिए, इसका पंजीकरण आप खुद सीधे तौर पर घर बैठे नहीं कर सकते; इसके लिए आपको अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाना होगा। आइए पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं:
रास्ता 1: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण (सबसे आसान और अनिवार्य तरीका)
हमेशा याद रखें कि भारत सरकार के नियमों के अनुसार, पीएम विश्वकर्मा योजना में नामांकन केवल अधिकृत CSC VLE (Village Level Entrepreneur) ही कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:
- नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं: अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों (आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और मोबाइल) के साथ अपने गांव या ब्लॉक के नजदीकी CSC डिजिटल सेवा केंद्र पर जाएं.
- बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Authentication): CSC ऑपरेटर पीएम विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल (pmvishwakarma.gov.in) पर लॉगिन करेगा। वहां आपका आधार नंबर दर्ज करने के बाद, फिंगरप्रिंट स्कैनर या आईरिस स्कैनर के माध्यम से आपका बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
- व्यक्तिगत और व्यावसायिक विवरण दर्ज करना: सत्यापन सफल होने के बाद, ऑपरेटर आपका नाम, पता, संपर्क सूत्र और आपके द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक व्यवसाय (Trade) की जानकारी दर्ज करेगा।
- बैंक खाते की जानकारी भरना: आपका बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाएगा ताकि सरकारी लाभ (₹15,000 टूलकिट राशि और ₹500 दैनिक वजीफा) सीधे आपके खाते में क्रेडिट हो सके।
- दस्तावेज अपलोड और सबमिशन: आवश्यक होने पर राशन कार्ड या परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड का विवरण फीड किया जाएगा। पूरा फॉर्म जांचने के बाद CSC संचालक इसे सबमिट कर देगा।
- आवेदन संख्या (Application ID) प्राप्त करना: फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद, आपको एक यूनिक एप्लीकेशन आईडी और रसीद मिलेगी। इसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।
रास्ता 2: यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
यदि आप उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं और राज्य सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप घर बैठे या नजदीकी जनसेवा केंद्र के माध्यम से इसके आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके स्टेप्स इस प्रकार हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले उत्तर प्रदेश उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन की आधिकारिक वेबसाइट diupmsme.upsdc.gov.in पर जाएं।
- नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण: होमपेज पर “विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना” के विकल्प पर क्लिक करें और फिर “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण” (New User Registration) का चयन करें।
- विवरण भरें: खुलने वाले फॉर्म में अपना नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ईमेल आईडी और अपना पारंपरिक व्यवसाय (Trade) चुनें।
- लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करें: पंजीकरण के बाद आपको एक यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिससे आपको पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
- दस्तावेज अपलोड करें: लॉगिन करने के बाद विस्तृत फॉर्म भरें और अपना फोटो, हस्ताक्षर, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें: सभी विवरणों को अच्छे से जांच लें और “Submit” बटन पर क्लिक करें। आपको एक आवेदन संख्या (Application ID) मिलेगी जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति (Status Check) को ट्रैक कर सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया (3-Step Verification)
पंजीकरण होने के तुरंत बाद आपको योजना का लाभ नहीं मिलता है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद पारंपरिक कारीगरों तक ही पहुंचे, एक सख्त तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया अपनाती है:
| स्तर (Stage) | सत्यापन अधिकारी (Authority) | मुख्य कार्य (Role) |
|---|---|---|
| प्रथम स्तर | ग्राम पंचायत (ग्रामीण क्षेत्र) / नगर पालिका (शहरी क्षेत्र) | स्थानीय स्तर पर यह जांचना कि क्या आवेदक वास्तव में वह पारंपरिक व्यवसाय करता है जिसका उसने दावा किया है। ग्राम प्रधान या वार्ड पार्षद द्वारा इसकी पुष्टि की जाती है। |
| द्वितीय स्तर | जिला कार्यान्वयन समिति (District Implementation Committee) | प्रथम स्तर से सत्यापित आवेदनों की जांच करना और उन्हें अंतिम संस्तुति (Recommendation) के लिए आगे भेजना। |
| तृतीय स्तर | स्क्रीनिंग कमेटी (Screening Committee) | अंतिम स्तर पर आवेदकों को मंजूरी देना और योजना के तहत PM Vishwakarma Certificate, ID Card और टूलकिट वाउचर जारी करने का आदेश देना। |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
पीएम विश्वकर्मा योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। आइए, आपके सबसे प्रमुख सवालों के उत्तर जानते हैं:
Q1. क्या कोई भी व्यक्ति पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं, केवल वे ही लोग आवेदन कर सकते हैं जो सरकार द्वारा निर्दिष्ट 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, नाई, दर्जी आदि) से जुड़े हुए हैं और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर काम कर रहे हैं। सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार के लोग इसके लिए पात्र नहीं हैं।
Q2. पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाला लोन ब्याज मुक्त होता है क्या?
नहीं, यह लोन पूरी तरह ब्याज मुक्त नहीं है। हालांकि, सरकार इस पर भारी सब्सिडी देती है, जिससे लाभार्थी को केवल 5% सालाना की रियायती दर पर ब्याज चुकाना पड़ता है। बाकी की ब्याज दर (लगभग 8% ब्याज सबवेंशन) केंद्र सरकार स्वयं वहन करती है।
Q3. क्या एक ही परिवार से दो लोग पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, योजना के नियमों के अनुसार लाभ केवल परिवार के एक ही सदस्य को दिया जाएगा। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
Q4. क्या पीएम विश्वकर्मा योजना का रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता है?
नहीं, इस योजना के तहत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर होने वाला बायोमेट्रिक पंजीकरण और आईडी कार्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया लाभार्थियों के लिए बिल्कुल मुफ्त (Free of Cost) है। इसका पूरा खर्च सरकार उठाती है।
Q5. टूलकिट प्रोत्साहन योजना के तहत ₹15,000 नकद दिए जाते हैं या बैंक में ट्रांसफर होते हैं?
टूलकिट प्रोत्साहन की राशि नकद या सीधे बैंक में ट्रांसफर नहीं की जाती है। सफल बेसिक स्किल ट्रेनिंग के बाद, लाभार्थियों को एक डिजिटल ई-वाउचर (E-Voucher) दिया जाता है, जिसे वे केवल निर्दिष्ट टूलकिट वेंडर्स के पास जाकर आधुनिक औजार खरीदने के लिए भुना सकते हैं।
Q6. उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में कितनी ट्रेनिंग दी जाती है?
उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY) के तहत लाभार्थियों को 6 दिनों की निःशुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण (Residential Training) प्रदान की जाती है, जिसके बाद उन्हें उन्नत टूलकिट दी जाती है।
Q7. क्या पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) या मुद्रा लोन लेने वाले लोग पीएम विश्वकर्मा के लिए आवेदन कर सकते हैं?
यदि आपने पिछले 5 वर्षों में स्वनिधि या मुद्रा लोन लिया है, तो आप तब तक पात्र नहीं हैं जब तक कि आपने उस लोन को पूरी तरह से चुका (Repay) न दिया हो। यदि आपका पुराना लोन पूरी तरह चुकता हो चुका है, तो आप पीएम विश्वकर्मा के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Q8. पीएम विश्वकर्मा योजना की वैधता या अंतिम तिथि क्या है?
यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू होकर 2027-28 तक 5 वर्षों के कार्यकाल के लिए लागू है। इसलिए पात्र नागरिक इसमें आसानी से 2026 और 2027 के दौरान भी आवेदन कर सकते हैं। इसकी कोई निश्चित तात्कालिक अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है।