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PM Vishwakarma Yojana 2026: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता, लाभ और स्टेटस चेक की पूरी प्रक्रिया

नमस्कार दोस्तों! अगर आप गांव या कस्बे में रहकर पारंपरिक कारीगरी या हस्तशिल्प (traditional artisan & craftsperson) का काम करते हैं, तो भारत सरकार की PM Vishwakarma Yojana 2026 आपके व्यवसाय को नए पंख लगाने के लिए एक ऐतिहासिक योजना है। चाहे आप बढ़ई (Carpenter) हों, दर्जी (Tailor), लोहार (Blacksmith), कुम्हार (Potter) या राजमिस्त्री (Mason), सरकार इस योजना के जरिए आपको सरकारी पहचान, ₹15,000 की टूलकिट सहायता, ₹500 रोजाना स्टाइपेंड के साथ फ्री ट्रेनिंग और बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का सस्ता लोन प्रदान कर रही है।

PM Vishwakarma Yojana Highlights (एक नज़र में):

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना (PM Vishwakarma Scheme)
  • मंत्रालय: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME)
  • आधिकारिक पोर्टल: pmvishwakarma.gov.in
  • कवर किए गए पारंपरिक ट्रेड: 18 प्रकार के शिल्पकार व कारीगर
  • टूलकिट प्रोत्साहन: ₹15,000 (e-Voucher के रूप में)
  • ट्रेनिंग स्टाइपेंड: ₹500 प्रति दिन
  • बिना गारंटी लोन (Credit Support): ₹3 लाख तक (5% रियायती ब्याज दर पर)
  • सत्यापन तिथि: आधिकारिक जानकारी की पुष्टि PM Vishwakarma Official Portal पर अगस्त 2026 तक अद्यतन की गई है।

PM Vishwakarma Yojana 2026 क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई यह योजना भारत के उन करोड़ों पारंपरिक कारीगरों को समर्पित है जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करते हैं। आमतौर पर असंबंधित क्षेत्र (unorganised sector) में काम करने वाले इन कारीगरों को ‘विश्वकर्मा’ कहा जाता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक, आधुनिक टूलकिट, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देकर उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹13,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

पीएम विश्वकर्मा योजना में शामिल 18 पारंपरिक ट्रेड (Trades List)

यदि आप नीचे दिए गए 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी भी एक व्यवसाय से जुड़े हैं, तो आप इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र हैं:

  1. बढ़ई (Suthar / Carpenter): लकड़ी का काम करने वाले कारीगर।
  2. नाव बनाने वाले (Boat Maker): पारंपरिक लकड़ी की नावें बनाने वाले।
  3. अस्त्र-शस्त्र बनाने वाले (Armourer): पारंपरिक हथियार व सुरक्षा उपकरण बनाने वाले।
  4. लोहार (Blacksmith / Lohar): लोहे का सामान व औजार बनाने वाले।
  5. हथौड़ा और टूलकिट निर्माता (Hammer and Tool Kit Maker): हस्तनिर्मित उपकरण बनाने वाले।
  6. ताला बनाने वाले (Locksmith): ताले और चाबियां बनाने वाले।
  7. सुनार (Goldsmith / Sonar): सोने-चांदी के पारंपरिक गहने बनाने वाले।
  8. कुम्हार (Potter / Kumhaar): मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने वाले।
  9. मूर्तिकार / पत्थर तराशने वाले (Sculptor / Stone Carver / Stone Breaker): मूर्तिकला और पत्थर का काम करने वाले।
  10. मोची / जूते बनाने वाले (Cobbler / Shoesmith / Footwear Artisan): चमड़े के जूते व चप्पल बनाने वाले।
  11. राजमिस्त्री (Mason / Rajmistri): भवन निर्माण का काम करने वाले।
  12. टोकरी, चटाई और झाड़ू निर्माता (Basket / Mat / Broom Maker / Coir Weaver): प्राकृतिक रेशों से सामान बनाने वाले।
  13. पारंपरिक गुड़िया और खिलौने निर्माता (Doll & Toy Maker): हाथ से खिलौने बनाने वाले कारीगर।
  14. नाई (Barber / Naai): केश कटिंग व पारंपरिक कटिंग कार्य करने वाले।
  15. मालाकार (Garland Maker / Malakaar): फूल मालाएं व सजावटी सामान बनाने वाले।
  16. धोबी (Washerman / Dhobi): कपड़े धोने व प्रेस करने का पारंपरिक कार्य करने वाले।
  17. दर्जी (Tailor / Darzi): कपड़े सिलने वाले कारीगर।
  18. मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले (Fishing Net Maker): पारंपरिक जाल बुनने वाले।

PM Vishwakarma Yojana 2026 के प्रमुख लाभ (Benefits)

इस योजना में पंजीकृत विश्वकर्मा भाई-बहनों को सरकार द्वारा 6 प्रमुख श्रेणियों में लाभ प्रदान किया जाता है:

1. सरकारी पहचान (Recognition)

पंजीकरण और सत्यापन सफल होने पर लाभार्थी को आधिकारिक PM Vishwakarma Certificate और Digital ID Card प्रदान किया जाता है। इससे आपकी कला को पूरे देश में मान्यता मिलती है।

2. कौशल विकास एवं दैनिक स्टाइपेंड (Skill Upgradation & Daily Stipend)

लाभार्थियों को आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के लिए निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है:

  • बेसिक ट्रेनिंग (Basic Skill Training): 5 से 7 दिनों का प्रशिक्षण।
  • एडवांस्ड ट्रेनिंग (Advanced Skill Training): 15 दिन या उससे अधिक का विशेष प्रशिक्षण।
  • स्टाइपेंड (Stipend Allowance): ट्रेनिंग के दौरान लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन के हिसाब से सीधा बैंक खाते में वित्तीय सहायता (DBT) दी जाती है।

3. टूलकिट इंसेंटिव (Toolkit Incentive)

बेसिक ट्रेनिंग पूरी करते ही आधुनिक औजार और मशीनरी खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट वाउचर (e-RUPI / e-Voucher) दिया जाता है।

4. बिना गारंटी लोन (Collateral-free Enterprise Loans)

अपने काम को बढ़ाने या नई दुकान/वर्कशॉप खोलने के लिए बैंकों से रियायती दर पर कुल ₹3 लाख तक का लोन दो किश्तों में मिलता है:

किश्त (Tranche) ऋण राशि (Loan Amount) पुनर्भुगतान अवधि (Tenure) पात्रता शर्त
पहला चरण (1st Tranche) ₹1,00,000 (1 लाख रुपये) 18 महीने बेसिक ट्रेनिंग पूरी होना आवश्यक है।
दूसरा चरण (2nd Tranche) ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) 30 महीने पहला लोन समय पर चुकाया हो और डिजिटल लेन-देन अपनाएं हों।

नोट: इस लोन पर ब्याज दर केवल 5% प्रति वर्ष रखी गई है। बाकी का 8% तक का ब्याज सरकार सब्सिडी (Interest Subvention) के रूप में स्वयं वहन करती है।

5. डिजिटल ट्रांजेक्शन प्रोत्साहन (Digital Incentive)

अपने व्यवसाय में ऑनलाइन पेमेंट लेने पर प्रति डिजिटल लेन-देन ₹1 (अधिकतम 100 ट्रांजेक्शन प्रति माह, यानी ₹100 प्रतिमाह अतिरिक्त) कैशबैक के रूप में दिया जाता है ।

6. विपणन और बाजार सहायता (Marketing Support)

नेशनल कमेटी फॉर मार्केटिंग (NCM) के माध्यम से आपके द्वारा बनाए गए सामानों की क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर लिस्टिंग और सरकारी मेलों में स्टॉल लगाने का अवसर प्रदान किया जाता है ।

पीएम विश्वकर्मा योजना 2026: पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करते हैं:

  • आयु सीमा: आवेदन की तिथि पर आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • व्यावसायिक पृष्ठभूमि: आवेदक 18 निर्धारित पारंपरिक क्षेत्रों में से किसी एक में स्वरोजगार के आधार पर अपने हाथों या औजारों से काम करता हो।
  • पूर्व ऋण रिकॉर्ड: पिछले 5 वर्षों में आवेदक ने केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान क्रेडिट योजना (जैसे PMEGP, PM SVANidhi, MUDRA Loan) से लोन न लिया हो।
  • परिवार की परिभाषा: एक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है।
  • सरकारी सेवा प्रतिबंध: केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए अपात्र (Not Eligible) हैं।

आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

ऑनलाइन पंजीकरण कराने जाते समय अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card): मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य।
  • सक्रिय मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन हेतु।
  • बैंक खाता पासबुक: खाता नंबर और IFSC कोड (आधार से सीडेड)।
  • राशन कार्ड (Ration Card): यदि राशन कार्ड न हो तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर प्रदान करने होंगे।
  • कौशल आधारित विवरण / प्रमाण: ट्रेड से संबंधित काम का अनुभव विवरण।

CSC सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (CSC Registration Route)

पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह बायोमेट्रिक e-KYC पर आधारित है। इसलिए व्यक्तिगत आवेदक खुद घर बैठे पंजीकरण पूरा नहीं कर सकते, उन्हें सीएससी सेंटर (Common Service Centre) जाना होता है । सीएससी वीएलई (VLE) के लिए प्रक्रिया निम्न प्रकार है:

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: सबसे पहले नजदीकी CSC डिजिटल सेवा केंद्र जाएं या VLE पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करें।
  2. CSC VLE Login: होमपेज पर ऊपर दाएं कोने में ‘CSC Login’ पर क्लिक करें और ‘Register Artisans’ का चयन करें।
  3. मोबाइल व आधार प्रमाणीकरण: आवेदक का आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP द्वारा सत्यापित करें।
  4. बायोमेट्रिक e-KYC: फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर के जरिए आवेदक का आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा करें।
  5. व्यक्तिगत व व्यापारिक जानकारी: आवेदक का नाम, पिता का नाम, ट्रेड (18 व्यवसायों में से एक), राशन कार्ड विवरण, बैंक खाता संख्या दर्ज करें।
  6. सहमति व सबमिट: घोषणा पत्र को स्वीकार कर फॉर्म सबमिट करें। VLE द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रसीद (Acknowledgement Receipt) प्राप्त होगी।
महत्वपूर्ण जानकारी: आवेदक से पंजीकरण का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। सीएससी पंजीकरण, ई-केवाईसी और कार्ड जनरेशन का पूरा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

आवेदन सत्यापन की 3-स्तरीय प्रक्रिया (3-Step Verification)

फॉर्म सबमिट होने के बाद आपका आवेदन तीन चरणों में जांचा जाता है:

  • प्रथम चरण (Gram Panchayat / ULB Level): गांव में मुखिया/ग्राम प्रधान तथा शहरों में नगर पालिका अधिकारी आवेदक के भौतिक सत्यापन की पुष्टि करते हैं।
  • द्वितीय चरण (District Implementation Committee – DIC): जिला स्तर पर गठित समिति आवेदन की जांच कर अनुशंसा करती है।
  • तृतीय चरण (Screening Committee): राज्य व राष्ट्रीय स्तर की स्क्रीनिंग कमेटी अंतिम मंजूरी देती है, जिसके बाद आपका PM Vishwakarma Digital Certificate जारी हो जाता है।

PM Vishwakarma Yojana Status Check कैसे करें?

यदि आपने पहले से आवेदन कर रखा है और अपने एप्लीकेशन का स्टेटस या सर्टिफिकेट डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर मौजूद ‘Login’ बटन पर क्लिक करके ‘Beneficiary / Artisan Login’ चुनें।
  3. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड डालकर ‘Send OTP’ पर क्लिक करें।
  4. मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करके पोर्टल पर सुरक्षित रूप से प्रवेश करें।
  5. डैशबोर्ड पर आपका Application Status दिख जाएगा (जैसे: Pending at Panchayat Level, Approved, or Training Scheduled)।
  6. स्वीकृति मिलने के बाद आप इसी डैशबोर्ड से अपना PM Vishwakarma Certificate और ID Card पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।

자주 묻ने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)

1. पीएम विश्वकर्मा योजना 2026 में कितना लोन मिलता है?

इस योजना में बिना किसी गारंटी के कुल ₹3 लाख तक का लोन दिया जाता है। पहली किश्त में ₹1 लाख (18 महीने के लिए) और पहली किश्त का भुगतान करने के बाद दूसरी किश्त में ₹2 लाख (30 महीने के लिए) मिलते हैं ।

2. योजना के तहत मिलने वाले टूलकिट का पैसा कैसे प्राप्त होता है?

बेसिक ट्रेनिंग (5-7 दिन) पूरी होने के बाद लाभार्थी को ₹15,000 का टूलकिट इंसेंटिव डिजिटल e-RUPI या e-Voucher के रूप में प्रदान किया जाता है, जिससे वे स्वीकृत टूलकिट केंद्रों से अपनी पसंद के औजार खरीद सकते हैं ।

3. क्या घर का कोई भी व्यक्ति अलग-अलग फॉर्म भर सकता है?

नहीं, नियम के अनुसार एक राशन कार्ड या परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों) में से केवल एक ही सदस्य इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।

4. ट्रेनिंग के दौरान मिलने वाला दैनिक भत्ता (Stipend) कितना है?

कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 का स्टाइपेंड दिया जाता है, जो प्रशिक्षण सत्र पूरा होने के पश्चात सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है ।

5. क्या स्वयं मोबाइल से घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं?

नहीं, क्योंकि इस योजना में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य है, इसलिए आवेदक को अपने पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC Center) जाकर बायोमेट्रिक थंब इम्प्रेशन के माध्यम से ही पंजीकरण कराना होगा ।

6. यदि पहले से मुद्रा लोन या स्वनिधि योजना का लोन चल रहा हो तो क्या आवेदन संभव है?

नहीं, यदि आपने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi या MUDRA जैसी सरकारी क्रेडिट योजनाओं का लाभ लिया है, तो आप इस योजना के पात्र नहीं होंगे ।

7. इस योजना पर ब्याज की दर क्या लागू होती है?

लाभार्थी को केवल 5% प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना होता है। शेष 8% तक की ब्याज राशि सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में बैंक को दी जाती है।

अगर आपके गांव या पंचायत में कोई हुनरमंद विश्वकर्मा भाई-बहन हैं, तो आज ही अपने मूल दस्तावेज लेकर पास के CSC डिजिटल सेवा केंद्र पहुंचे। VLE भाई तुरंत बायोमेट्रिक सत्यापन कर आपका फॉर्म भरेंगे और इस ऐतिहासिक योजना का लाभ दिलाने में आपकी मदद करेंगे। सरकारी योजनाओं की हर नई अपडेट पाने के लिए cscportal.in से जुड़े रहें!

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