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PM Kusum Yojana Jharkhand: Online Application for Solar Pump Subsidy and Beneficiary List 2026 – किसानों को मिल रहा है 94% तक का भारी डिस्काउंट, ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई!

झारखंड के हमारे सभी किसान भाइयों, बहनों और CSC (Common Service Center) संचालकों का cscportal.in पर बहुत-बहुत स्वागत है! अगर आप भी अपनी फसलों की सिंचाई के लिए महंगे डीजल और बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो आपके लिए एक बेहद खुशखबरी है। झारखंड सरकार (Jharkhand Government) और केंद्र सरकार मिलकर झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए PM Kusum Yojana (Component B) के तहत सोलर पंप पर भारी सब्सिडी दे रही हैं। यदि आप भी अपने खेतों में मुफ्त की धूप से पानी निकालना चाहते हैं, तो यह बेहतरीन मौका है। आज हम आपको इस लेख में ‘PM Kusum Yojana Jharkhand: Online Application for Solar Pump Subsidy and Beneficiary List’ से जुड़ी हर एक जानकारी बेहद सरल और आसान ‘बोलचाल की हिंदी’ में देने वाले हैं।

ताजा जानकारी (Checked on Official JREDA Portal as of July 28, 2026): झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) ने सोलर वॉटर पंप प्रोग्राम (Component-B) के तहत नए आवेदनों और लाभार्थी अंशदान भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में किसान भाई सीधे https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार द्वारा राज्य में 7 HP तक के सोलर वाटर पंपों के वितरण की प्रक्रिया भी तेजी से चलाई जा रही है।

PM Kusum Yojana Jharkhand क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य?

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM Scheme) भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा शुरू की गई एक क्रांतिकारी योजना है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को डीजल पंपों से मुक्ति दिलाना और खेतों की सिंचाई के लिए पर्यावरण के अनुकूल “सौर ऊर्जा” (Solar Energy) से चलने वाले वॉटर पंप प्रदान करना है.

झारखंड में इस योजना का क्रियान्वयन Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) के द्वारा किया जा रहा है. झारखंड एक पठारी राज्य है, जहां कई इलाकों में बिजली के तार नहीं पहुंचे हैं या फिर बिजली बेहद अनियमित रहती है. ऐसे ऑफ-ग्रिड (Off-Grid) क्षेत्रों में सिंचाई को सुलभ बनाने के लिए JREDA हर साल हजारों सोलर वाटर पंपों का वितरण करता है.

PM Kusum Scheme Jharkhand के बेहतरीन लाभ (Key Benefits)

  • भारी सब्सिडी: केंद्र सरकार द्वारा 30% और झारखंड राज्य सरकार द्वारा 64% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है, जिससे किसानों को केवल कुल खर्च का 6% से 10% ही देना पड़ता है.
  • डीजल के खर्च से आजादी: अब आपको महंगे डीजल खरीदने और जनरेटर चलाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी.
  • दिन में सिंचाई: बिजली विभाग के रात के बिजली कटने या वोल्टेज की झंझट खत्म, अब दिन में धूप खिलते ही आसानी से सिंचाई करें.
  • पर्यावरण की सुरक्षा: सौर ऊर्जा से चलने के कारण यह प्रदूषण मुक्त है और पर्यावरण को सुरक्षित रखता है.
  • महिलाओं और छोटे किसानों को प्राथमिकता: स्वयं सहायता समूह (SHG), महिला किसान, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों को चयन में पहली प्राथमिकता दी जाती है.

सोलर पंप की क्षमता और किसान का योगदान (Farmer Share Details)

झारखंड सरकार ने राज्य के किसानों के लिए सोलर पंप के प्रकार के हिसाब से बहुत ही न्यूनतम अंशदान (Beneficiary Share) तय किया है। इसका विवरण आप नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

सोलर पंप की क्षमता (HP) पंप का प्रकार (Pump Type) अनुमानित किसान का योगदान (Upfront Share) सब्सिडी दर (Subsidy %)
2 HP Solar Pump AC/DC Submersible or Surface ₹5,000 लगभग 80% – 90%
3 HP Solar Pump AC/DC Submersible or Surface ₹7,000 लगभग 80% – 90%
5 HP Solar Pump AC/DC Submersible ₹10,000 लगभग 80% – 90%
7 HP Solar Pump Submersible (For deep wells) कुल लागत का केवल 6% 94% (30% केंद्र + 64% राज्य)

आवेदन के लिए कौन पात्र है? (Eligibility Criteria)

झारखंड में पीएम कुसुम योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  • आवेदक झारखंड राज्य का मूल निवासी और एक सक्रिय किसान होना चाहिए।
  • किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए और भूमि का मालिकाना हक (Land Record) खुद के नाम पर या परिवार के नाम पर होना चाहिए.
  • जिन क्षेत्रों में बिजली का ग्रिड कनेक्शन उपलब्ध नहीं है (Off-Grid Areas), उन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी.
  • लघु और सीमांत किसानों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों (SHG) और जल उपयोगकर्ता संघों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
  • कौन अपात्र है (Who is NOT Eligible): जिन किसानों ने पूर्व में किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सोलर पंप पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त किया है, वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते हैं। परिवार के केवल एक ही सदस्य को इस योजना का लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents Checklist)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले किसान भाइयों को अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लेने चाहिए। JREDA के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड (Aadhaar Card)
  • आवासीय प्रमाण: आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल या राशन कार्ड
  • जमीन के कागजात: जमीन के रिकॉर्ड की फोटो कॉपी (जमीन की अद्यतन यानी लेटेस्ट लगान रसीद / Land Lagaan Rasid)
  • मोबाइल नंबर: आधार कार्ड से लिंक किया हुआ सक्रिय मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता: पासबुक की फोटोकॉपी (खाता आधार से लिंक और DBT इनेबल्ड होना चाहिए)
  • फोटो: हाल ही का एक स्व-सत्यापित पासपोर्ट साइज फोटो और किसान का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान
  • सूक्ष्म सिंचाई प्रमाणपत्र (Optional): यदि आपके खेत में ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली स्थापित है, तो कृषि विभाग का प्रमाणपत्र (यह सभी के लिए अनिवार्य नहीं है)।

CSC के माध्यम से ऑफलाइन/ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (CSC Route First)

झारखंड के हमारे कई किसान भाई ऑनलाइन फॉर्म खुद से भरने में सहज नहीं होते हैं। ऐसे में आपके गांव या पंचायत में स्थित CSC (Common Service Center – प्रज्ञा केंद्र) आपके लिए सबसे आसान जरिया है। CSC संचालक (VLE) इस प्रक्रिया में आपकी पूरी मदद करेंगे:

  1. CSC सेंटर पर जाएं: अपने सभी जरूरी दस्तावेज (आधार कार्ड, लगान रसीद, बैंक पासबुक, फोटो) लेकर नजदीकी प्रज्ञा केंद्र पर जाएं।
  2. VLE द्वारा रजिस्ट्रेशन: CSC संचालक JREDA के आधिकारिक पीएम कुसुम पोर्टल https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ पर “Farmer Registration” विकल्प का चयन करेंगे।
  3. दस्तावेज अपलोड करना: VLE किसान के सभी दस्तावेजों को सही साइज (आमतौर पर PDF या JPEG फॉर्मेट, अधिकतम 300 KB तक) में स्कैन करके अपलोड करेगा।
  4. ओटीपी सत्यापन (OTP Verification): आवेदन सबमिट करने के बाद, किसान के मोबाइल पर आए ओटीपी को सबमिट करके फॉर्म की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  5. अंशदान भुगतान और पावती: आवेदन स्वीकृत होने पर सरकार द्वारा निर्धारित किसान अंशदान का भुगतान किया जाता है। इसके बाद CSC संचालक आपको एक प्रिंटेड आवेदन रसीद (Acknowledgement Receipt) देगा, जिसे आपको सुरक्षित रखना है।

स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Online Application Process)

यदि आपके पास कंप्यूटर, इंटरनेट और स्कैनर की सुविधा है, तो आप खुद भी घर बैठे निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करके ‘PM Kusum Yojana Jharkhand Online Application’ कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले JREDA के आधिकारिक पीएम कुसुम पोर्टल https://pmkusum.jharkhand.gov.in/JH/landing.html पर जाएं。
  2. होमपेज पर आपको “Farmer Registration” या “Apply Online” का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
  3. अब एक फॉर्म ओपन होगा जिसमें आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी (जैसे- नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि) और अपना पूरा आवासीय पता (Residential Address) भरना होगा।
  4. अगले चरण में आपको अपनी जमीन का विवरण (जिला, ब्लॉक, पंचायत, हल्का, खाता/खेसरा नंबर) दर्ज करना होगा।
  5. पंप का प्रकार चुनें: यहां आपको ‘Pump Parameters’ में अपनी जरूरत के अनुसार HP (2 HP, 3 HP या 5 HP), पंप का प्रकार (DC), सब-टाइप (Submersible या Surface) और कंट्रोलर का प्रकार सेलेक्ट करना होगा।
  6. इसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों (आधार, लगान रसीद, हस्ताक्षर और फोटो) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  7. अब “Generate OTP” पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए 6 अंकों के ओटीपी को भरकर फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।
  8. फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको किसान अंशदान (जैसे- 5 HP के लिए ₹10,000 या 3 HP के लिए ₹7,000) का ऑनलाइन भुगतान UPI, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से करना होगा।
महत्वपूर्ण सूचना (भुगतान से संबंधित): JREDA के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि आवेदन करते समय आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं, लेकिन पोर्टल पर भुगतान दिखाई नहीं दे रहा है, तो बिल्कुल घबराएं नहीं। आप अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और भुगतान रसीद का स्क्रीनशॉट JREDA की ईमेल आईडी [email protected] या उनके आधिकारिक WhatsApp नंबर 7070505999 पर भेज सकते हैं।

PM Kusum Yojana Jharkhand Beneficiary List 2026 कैसे चेक करें?

ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा आपके आवेदन और भूमि का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। इसके बाद ही लाभार्थियों का अंतिम चयन होता है। यदि आप ‘Beneficiary List’ चेक करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

  • JREDA के आधिकारिक पोर्टल pmkusum.jharkhand.gov.in पर जाएं。
  • होमपेज पर मौजूद “Track Application” या “Beneficiary Status” के विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना ‘Application Reference Number’ या पंजीकृत ‘Mobile Number’ दर्ज करें।
  • इसके बाद, आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (Status) और आपका नाम स्वीकृत लाभार्थियों की सूची में है या नहीं, यह स्क्रीन पर आ जाएगा।
  • इसके अलावा, हर जिले के उपायुक्त (Deputy Commissioner) के कार्यालय द्वारा भी चयनित लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी की जाती है।
सावधानी और चेतावनी: सोलर वाटर पंप सेट के सफल इंस्टॉलेशन के बाद, यदि लाभार्थी किसान द्वारा सोलर पंप सेट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उसे स्थानांतरित (हस्तांतरण) या विस्थापन (Dismantle) किया जाता है, तो उपकरण की 5 वर्ष की रख-रखाव (Maintenance) और सभी प्रकार की वारंटी स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। इसलिए उपकरणों के साथ कोई भी छेड़छाड़ करने से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. PM Kusum Yojana के तहत झारखंड में कितनी सब्सिडी मिलती है?

झारखंड में पीएम कुसुम योजना (Component-B) के तहत किसानों को कुल लागत पर 80% से लेकर 94% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है। केंद्र सरकार 30% और राज्य सरकार 64% तक का योगदान देती है, जिससे किसान का हिस्सा बेहद कम रह जाता है।

Q2. 2 HP और 5 HP सोलर पंप के लिए झारखंड के किसान को कितना अंशदान देना होगा?

झारखंड में 2 HP के सोलर पंप के लिए ₹5,000 और 5 HP के सोलर पंप के लिए ₹10,000 का अंशदान ऑनलाइन जमा करना पड़ता है।

Q3. आवेदन के लिए कौन-कौन से मुख्य दस्तावेज आवश्यक हैं?

मुख्य दस्तावेजों में किसान का आधार कार्ड, आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन की अद्यतन लगान रसीद (Lagaan Rasid), मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक और एक पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।

Q4. क्या किराए की या लीज वाली जमीन पर भी सोलर पंप लगवाया जा सकता है?

हां, यदि किसान के पास जमीन लीज पर है, तो लीज एग्रीमेंट और भूमि मालिक की सहमति (Affidavit) के साथ आवेदन किया जा सकता है। प्राथमिकता स्वयं की जमीन वाले किसानों को दी जाती है।

Q5. सोलर पंप की वारंटी कितने सालों की होती है?

योजना के तहत स्थापित सोलर वॉटर पंप की 5 वर्षों की ऑन-साइट रख-रखाव (Comprehensive Maintenance) और उपकरणों की वारंटी कंपनी द्वारा दी जाती है।

Q6. भुगतान होने के बाद भी पोर्टल पर पेंडिंग दिखा रहा है, क्या करें?

यदि आपके खाते से राशि कट गई है लेकिन पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है, तो अपनी भुगतान रसीद और पंजीकृत मोबाइल नंबर JREDA की ईमेल आईडी [email protected] या व्हाट्सएप नंबर 7070505999 पर भेजें।

Q7. क्या इस योजना का आवेदन ऑफलाइन भी भरा जा सकता है?

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। लेकिन अगर आप खुद फॉर्म नहीं भर सकते, तो अपने गांव के प्रज्ञा केंद्र (CSC Center) जाकर मामूली शुल्क देकर अपना फॉर्म भरवा सकते हैं।

निष्कर्ष और अनोखा सुझाव (Exclusive CSC Portal Advice)

प्यारे दोस्तों, पानी की सही व्यवस्था ही अच्छी फसल का आधार होती है। पीएम कुसुम योजना के तहत मिलने वाले सोलर पंप झारखंड के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। हमारे ब्लॉग का आपको यही सुझाव रहेगा कि आप बिना किसी देरी के अपने जरूरी दस्तावेजों को इकट्ठा करें और सीधे अपने गांव के पास स्थित CSC (प्रज्ञा केंद्र) संचालक भैया से संपर्क करें। वे आपके लगान रसीद की जांच करके बहुत ही सावधानीपूर्वक आपका ऑनलाइन फॉर्म भर देंगे, जिससे आपका आवेदन रिजेक्ट होने का खतरा बिलकुल टल जाएगा। सौर ऊर्जा अपनाएं, अपनी आय बढ़ाएं और एक आत्मनिर्भर किसान बनें!

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