फर्जी रिव्यू करने वालों की नहीँ अब खैर, सरकार ने किया नया आदेश जारी, इस तारीख से लागू

Fake reviews: आज का जमाना टेक्नॉलजी का है एसे मैं ऑनलाइन प्रक्रिया तो जेसे आम बात हो गई है आज कल हर कार्य मोबाईल से ही हो जाता है अगर खाना मंगाना है तो तो Food Online order किया जा सकता है घर बेठे कुछ भी शॉपिंग की जा सकती है एसे मैं हम सभी जब कोई अनलाइन चीज खरीदते है तो एक बार उस चीज के रिव्यू जरूर चेक करते हैं की आखिर उस प्रोडक्ट के बारे मैं खरीदने वाले क्या कह रहे हैं एसे मैं किसी प्रोडक्ट का अच्छा दिखाने के लिए फर्जी रिव्यू का काफी प्रयोग होने लगा है

मालिक अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए पेसे देकर नकली रिव्यू कराते हैं एसे मैं हम ग्राहकों का नुकसान हो जाता है हम फर्जी रिव्यू को सही समझ के कोई भी सामान खरीद लेते हैं इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार नया नियम लेकर आ रही है। ऑनलाइन शॉपिंग, होटल रिजर्वेशन, ट्रैवल बुकिंग और रेस्टोरेंट के खाने-पीने और सेवाओं से जुड़े किसी भी प्रोडक्ट के बारे में फर्जी रिव्यू लिखने या लिखने वाली कंपनियों की अब खैर नहीं है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने किसी भी वस्तु या सेवा के संशोधन के लिए मानक निर्धारित किए हैं। ये नियम 25 नवंबर से लागू होंगे पूरे देश मैं। देखें इन मानकों की पूरी जानकारी।

भारत बनेगा पहला देश फर्जी रिव्यू पर मानक बनाने वाला

मीडिया सूत्रों से पता चला है कि भारत पहला देश है जिसने उत्पादों या सेवाओं की फर्जी रिव्यू लिखने के लिए मानक निर्धारित किए हैं। उम्मीद है कि इन मानकों को लागू करने के बाद ई-कॉमर्स कंपनियां अब फर्जी और पेड रिव्यू नहीं कर पाएंगी। Consumer affairs के सचिव ने मीडिया को बताया की समीक्षा के लिए इन सभी मानकों का पालन करते हुए कंपनी को Bureau of Indian Standards (BIS) में सत्यापन का अनुरोध करना होगा। इसके बाद बीआईएस एक प्रमाण पत्र जारी करेगा। उसके बाद कंपनी अपनी वेबसाइट पर इसका जिक्र कर सकती है।

Fake review करने वालों ओर स्टैंडर्ड का पालन नहीं करने पर लगेगा इतना जुर्माना

जानकारी के मुताबिक, रिव्यू के आधार पर कंपनी को यह बताना अनिवार्य होगा कि किसी प्रोडक्ट को स्टार कैसे दिया जा सकता है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि एक वर्ष में दैनिक, साप्ताहिक या प्राप्त समीक्षाओं के आधार पर निर्णय लिया जाता है या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कोई कंपनी मानकों का पालन नहीं करती है और गलत रिव्यू के जरिए सामान बेचने की कोशिश करती है तो यह मामला Unfair Trade Practice के तहत आएगा। इस संबंध में कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

एसा इसलिए किया जा रहा है की पिछले कुछ महीनों मैं एसे मामले बहुत जायद बड़ गये है इसलिए सरकार ये नए मानक लेकर आ रही। अगर कंपनी रिव्यू को वेबसाईट ओर ऐड नहीं करती है तो इसकी भी शिकायत की जा सकती है हेल्पलाइन नंबर पर ने जरिए से।

रिव्यू ओर फर्जी रिव्यू क्या होते हैं?

ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर प्रोडक्ट की परख के लिए उसको छू तो सकते नहीं है। ऐसे में ज्यादातर उपभोक्ता प्रोडक्ट को लेकर खरीदारों पर भरोसा करते हैं या फिर किसी अच्छे के बारे में रिव्यू लिखने वाली वेबसाइट पर भरोसा करते हैं। उपभोक्ता उस उत्पाद को खरीदना पसंद करते हैं जिसकी बेहतर Review होती है। इसलिए, किसी भी उत्पाद की सेल मैं समीक्षाएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कई कंपनियां उत्पाद की समीक्षा करने वाले उपभोक्ताओं या कंपनियों को पैसे देकर की गई फर्जी समीक्षा प्राप्त करती हैं। ताकि, अधिक से अधिक लोग उस उत्पाद को खरीदें। वहीं कई कंपनियां प्रोडक्ट के बारे में गलत गलत रिव्यू लिखकर अपनी विरोधी कंपनी को नुकसान पहुंचाती हैं।

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