मराठी मनोरंजन इंडस्ट्री की जानी-मानी अदाकारा अश्विनी महांगडे (Ashvini Mahangade latest news) अपनी एक्टिंग, सामाजिक कार्यों और हाल ही में राजनीति में कदम रखने को लेकर सुर्खियों में हैं. ‘आई कुठे काय करते’ और ‘स्वराज्य रक्षक संभाजी’ जैसे लोकप्रिय सीरियल्स से घर-घर में पहचान बनाने वाली अश्विनी अब एक नए धारावाहिक में भी नज़र आ रही हैं और साथ ही, उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी कई महत्वपूर्ण अपडेट्स देखने को मिले हैं. उनकी सादगी और विचारों की वजह से वो हमेशा ही अपने फैन्स के दिलों में एक खास जगह बनाए रखती हैं.
अश्विनी महांगडे: हालिया अपडेट्स और नया धारावाहिक
हाल ही में अश्विनी महांगडे एक बार फिर अपने गांव और अपनी जड़ों से जुड़े एक पोस्ट के कारण चर्चा में हैं. उन्होंने अपने पैतृक घर ‘स्वराज्य’ और चूल्हे पर भाकरी बनाते हुए तस्वीरें साझा कीं, जिसे देखकर उनके फैन्स उनकी सादगी की खूब तारीफ कर रहे हैं. इस पोस्ट में उन्होंने अपने दिवंगत पिता को भी याद किया और बताया कि कैसे उनके पिता ने बड़े प्यार से यह बंगला बनवाया था. उन्होंने लिखा, “नानांनी खूप प्रेमानं बंगला बांधला आणि सगळ्यात मागे एक खोली काढली ती चुलीसाठी… बऱ्याचदा आम्ही जेवायला इथेच बसतो.” (नाना ने बहुत प्यार से बंगला बनवाया और सबसे पीछे एक कमरा चूल्हे के लिए बनवाया… हम अक्सर यहीं बैठकर खाना खाते हैं.) यह दर्शाता है कि इतनी बड़ी अभिनेत्री होने के बावजूद, वह अपनी मिट्टी से जुड़ी हुई हैं. मौजूदा वक्त में, अश्विनी स्टार प्रवाह के नए सीरियल ‘घरोघरी मातीच्या चुली’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे उनके प्रशंसकों को उन्हें एक नए अवतार में देखने का मौका मिल रहा है.
राजनीति में प्रवेश और सामाजिक पहल
पिछले साल, अक्टूबर 2024 में अश्विनी महांगडे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) में शामिल होकर सबको चौंका दिया था. उन्हें पार्टी की महिला कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का पद दिया गया, जिससे उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई. अभिनेत्री ने हमेशा से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है. वह ‘रयतेचे स्वराज्य प्रतिष्ठान’ की अध्यक्षा हैं और ‘रयतेचा स्वराज्य परिपूर्ण किचन’ नामक एक पहल भी चलाती हैं, जहाँ लोगों को बहुत कम कीमत पर भरपेट खाना मिलता है. उनका मानना है कि समाज सेवा के माध्यम से भी बदलाव लाया जा सकता है.
इसी साल अप्रैल 2025 में, अश्विनी महांगडे ने नागपुर की दीक्षाभूमि का दौरा किया था, जिसके बाद उनकी एक फैन के साथ ‘जय भीम’ के मैसेज को लेकर हुई बातचीत काफी वायरल हुई थी. उन्होंने जाति-भेदभाव से ऊपर उठकर इंसानियत को महत्व देने का संदेश दिया, और ‘जय भीम’ के जवाब में ‘जय भीम’ कहकर कई लोगों के दिलों को छू लिया. उन्होंने इस बारे में बात करते हुए कहा, “मैं अब तक दो बार संविधान पढ़ने की कोशिश कर चुकी हूं, यह समझना इतना कठिन है. मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि ‘जय भीम’ का जवाब ‘जय भीम’ ही होगा. मुझे लगा था कि आप मुझे जवाब नहीं देंगे या ‘जय शिवराय’ लिखेंगे. आज आपका ‘जय भीम’ पढ़ने के बाद मुझे इतनी खुशी हो रही है कि मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती.” यह घटना उनके प्रगतिशील विचारों और सामाजिक जागरूकता को दर्शाती है.
अश्विनी महांगडे का करियर और निजी जीवन
अश्विनी महांगडे का जन्म 27 अक्टूबर 1988 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था. उन्होंने वाई के किसान वीर महाविद्यालय से बी.कॉम और होटल मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा किया है. उनके पिता प्रदीपकुमार सदाशिव महांगडे का मई 2021 में COVID-19 जटिलताओं के कारण निधन हो गया था.
अश्विनी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत चंद्रकांत कुलकर्णी द्वारा निर्देशित नाटक ‘आदी बसु मग बोलू’ से की थी. टेलीविजन पर उनका पहला सीरियल ज़ी मराठी का ‘अस्मिता’ था. उन्हें ‘स्वराज्य रक्षक संभाजी’ में ‘राणु अक्का’ और ‘आई कुठे काय करते’ में ‘अनघा’ की भूमिकाओं के लिए विशेष पहचान मिली. इसके अलावा, उन्होंने ‘रात्रीस खेळ चाले’, ‘भा से भाड़े’, ‘माधुरी मिडल क्लास’ जैसे कई अन्य धारावाहिकों में भी काम किया है. फिल्मों की बात करें तो, उन्होंने ‘तपाल’, ‘एक तारा’, ‘काय झालं कळना’, ‘भिखारी’, ‘बॉयज़’ और ‘अनुदान’ जैसी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा है. जल्द ही, वह फिल्म ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर’ में भी नज़र आएंगी, जिसका उनके फैन्स बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. 2024 तक उनकी अनुमानित नेट वर्थ ₹1-2 करोड़ है.
अश्विनी महांगडे केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक और समाज सेविका भी हैं, जो अपनी कला और विचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करती हैं. उनके मल्टी-टास्किंग व्यक्तित्व को देखकर लगता है कि “सच्ची लगन और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है.”